मौनी अमावस्या पर पालकी पर सवार होकर शोभायात्रा निकालने व शंकराचार्य
अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में चस्पा नोटिस में भूमि आवंटन और सुविधा रद करने को भी चेताया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज
मौनी अमावस्या पर पालकी से संगम स्नान करने जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोकने व उनके शिष्यों से झड़प का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। अविमुक्तेश्वरानंद घटना के बाद से अपने शिविर के बाहर बैठे हैं। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उन्हें दूसरा नोटिस देकर मेले में उन पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। श्री शंकराचार्य आश्रम और बदरिकाश्रम हिमालय सेवा शिविर के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों शिविर अविमुक्तेश्वरानंद के हैं।
मेला प्रशासन के दोनों नोटिस का उत्तर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से दिया गया है। इस पर अब विधिक राय के लिए मेला प्रशासन ने दो कमेटियां गठित की हैं। उधर, अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से बातचीत में वसंत पंचमी पर स्नान न करने की घोषणा की। कहा, अगर स्नान करने जाएंगे तो फिर पकड़कर मारापीटा जाएगा। हमें अपमानित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिखित आश्वासन देने के बाद स्नान करेंगे।
अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन ने 19 जनवरी को पहला नोटिस देकर पालकी से
त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर के बाहर अविमुक्तेश्वरानंद । जागरण
नोटिस दुर्भावनापूर्ण, भ्रामक व मिथ्या से युक्त
नोटिस के जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से उनके शिविर प्रभारी पंकज पांडेय ने कहा है कि यह नोटिस दुर्भावनापूर्ण, भ्रामक, झूठ – छल- फरेब व मिथ्या कथनों से युक्त है। मेला प्रशासन के नोटिस में बग्घी ले जाने का उल्लेख है, जो सरासर गलत है। बग्घी कम से कम दो घोड़ों द्वारा खीची जाती है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास इस तरह की कोई बग्घी नहीं है। शंकराचार्य पद के उल्लेख की बात है तो इसका समुचित उत्तर सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता डा. पीएन मिश्र प्रेस कान्फ्रेंस में पहले ही दे चुके हैं। लाधिकारी को मेल पर जवाब दे दिया। किसी कर्मचारी द्वारा जवाब की प्रति न लेने पर मेला कार्यालय के प्रवेश द्वार पर उत्तर पत्र चस्पा किया गया है।
बटुकों की पिटाई का फर्जी फोटो शेयर करने वाला गिरफ्तार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर चल रहे विवाद के बीच फेसबुक पर बटुकों की पिटाई का फर्जी फोटो शेयर करने वाले मेजा निवासी दीपक उर्फ मुकेश कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। डीसीपी गंगानगर कुलदीप गुनावत का कहना है कि फेसबुक पर ‘दीपक मुकेश तिवारी मेजा एट इलाहाबाद’ के नाम से बनाई गई प्रोफाइल से एआइ के जरिये बनाई एक फर्जी फोटो शेयर की गई।
शोभायात्रा निकालने, बैरिकेडिंग तोड़ने को लेकर जवाब मांगा था। अब दूसरे नोटिस में आरोप है-‘ प्रतिबंध के बावजूद पालकी यात्रा से संगम स्नान के लिए जा रहे अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों ने 18 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर आरक्षित श्रेणी के पांटून पुल संख्या दो पर बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए बिना अनुमति वाहन सहित संगम अपर मार्ग से प्रवेश किया। भारी भीड़ के चलते केवल पैदल आवागमन की अनुमति थी। वाहन प्रवेश से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती थी । लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर
खतरा हो सकता था। इस कृत्य से भीड़ प्रबंधन में गंभीर कठिनाइयां आईं।’ सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक के बाद भी अपने आप को शंकराचार्य बताते हुए मेले में बोर्ड और होर्डिंग आदि लगाने को नोटिस में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना बताया गया है। 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
चेतावनी भी दी गई है कि क्यों न आपकी ( अविमुक्तेश्वरानंद) संस्था को दी जा रही सुविधा और भूमि आवंटन को रद करते हुए स्थायी रूप से मेले में आपके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाए
