राज्यपाल के संज्ञान से बढ़ीं मुश्किलें? लालकुआँ में नशे के नेटवर्क पर शासन-प्रशासन से मांगी गई सख्त कार्रवा

देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार को लेकर अब मामला राजभवन तक पहुंच गया है। महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल Gurmit Singh (सेवानिवृत्त) ने क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति, लालकुआँ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर गंभीर संज्ञान लेते हुए उसे मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तराखंड शासन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रसारित किया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक एवं पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
राज्यपाल सचिवालय से जारी पत्र संख्या-28733/RB-MISC013/1/2024 (E-1341), दिनांक 13 अप्रैल 2026 के अनुसार, विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा भेजे गए ज्ञापनों के साथ क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन को भी कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है।
ज्ञापन में लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, गौला गेट और आसपास के क्षेत्रों में कथित रूप से तेजी से फैल रहे स्मैक, चरस, गांजा, कच्ची शराब और अन्य मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क को गंभीर सामाजिक संकट बताया गया है। समिति का आरोप है कि लगातार शिकायतों और सामाजिक संगठनों द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बावजूद नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा।
ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं, जिससे परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक दोनों प्रकार का गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि लालकुआँ क्षेत्र में विशेष एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाया जाए, नशे की सप्लाई चेन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी हो तथा कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यपाल सचिवालय द्वारा सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासन को पत्र भेजे जाने के बाद अब जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं इस बात को लेकर भी तेज हैं कि यदि जांच आगे बढ़ती है तो कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लालकुआँ क्षेत्र को नशा मुक्त बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद शासन-प्रशासन अब ठोस और प्रभावी कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण अभियान, पदयात्रा और चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से लालकुआँ क्षेत्र में नशे से जुड़े मामलों को लेकर जन असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में राज्यपाल स्तर से लिए गए इस संज्ञान के बाद अब सभी की निगाहें नैनीताल जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और उत्तराखंड शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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