अल्मोड़ा को “एजुकेशन हब” बनाने की उठी मांग, मुख्यमंत्री को दिया गया प्रस्ताव
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और शहर को उत्तराखंड के प्रमुख “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। भारतीय जनता पार्टी अल्मोड़ा नगर मंडल अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस दिशा में ठोस नीति बनाए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अल्मोड़ा सदैव उत्तराखंड की सांस्कृतिक, साहित्यिक और शैक्षिक पहचान का केंद्र रहा है। यह भूमि महान कलाकारों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों और शिक्षाविदों की कर्मभूमि रही है। पत्र में विशेष रूप से “उदय शंकर नाट्य अकादमी” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इस संस्थान की स्थापना प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन वर्तमान समय में यह संस्था अपने मूल उद्देश्यों से भटकती दिखाई दे रही है।
पत्र में राज्य सरकार से मांग की गई है कि उदय शंकर नाट्य अकादमी के संरक्षण, आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए दीर्घकालिक नीति बनाई जाए, ताकि यह संस्थान फिर से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र बन सके।
इसके साथ ही अल्मोड़ा को योजनाबद्ध तरीके से “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। पत्र में कहा गया कि आज प्रदेश के हजारों युवा बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देहरादून, हल्द्वानी, दिल्ली और कोटा जैसे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। यदि अल्मोड़ा में आधुनिक शैक्षिक संस्थान, पुस्तकालय, कोचिंग सेंटर, छात्रावास और डिजिटल शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो यह शहर उत्तराखंड के लिए शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है।
पत्र में यह भी कहा गया कि अल्मोड़ा का शांत वातावरण, सांस्कृतिक समृद्धि और शैक्षिक परंपरा इसे शिक्षा नगरी के रूप में विकसित करने के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। इससे न केवल युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
विनीत बिष्ट ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शिक्षा आधारित रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर पहल करेगी और अल्मोड़ा को उसकी पुरानी सांस्कृतिक एवं शैक्षिक पहचान दिलाने का कार्य करेगी।
